पद का मोह या समाज का हित? आखिर कब तक कुर्सियों से चिपका रहेगा हमारा नेतृत्व, क्या राष्ट्रीय सीरवी महासभा केवल नाम की रह गई है?

January 5, 2026
प्रस्तुति:- तेजाराम भायल ( पाली ) पूर्व संपादक :- सीरवी संदेश पत्रिका संगठन में शक्ति है- यह कहावत हम बचपन से सुनते आ रहे हैं, लेकिन आज हमारे सीरवी समाज की वर्तमान स्थिति को देखकर यह प्रश्न पूछना आवश्यक हो गया है कि क्या हमारा 'संगठन' वाकई जीवित है? क्योंकि हाल ही में दक्षिण भारत…

समाज के धन को ‘प्रदर्शन’ की आग में न झोंकें, बल्कि उसे ‘परिवर्तन’ की बुनियाद बनाएँ।

January 2, 2026
दिखावे के शोर में न बह जाए पसीने की कमाई: भव्य मंदिरों के निर्माण में आई माता की भक्ति में 'प्रदर्शन' नहीं, 'परिवर्तन' की आवश्यकता प्रस्तुति:- डाॅ. संतोष राठौड़‌ धर्मपत्नी- सुरेशजी राठौड़ संस्थापक एवं मुख्य निदेशक: Bunny Teeth Advanced Dentistry, Dental आज हम जिस संपन्नता और सम्मान के साथ सिर उठाकर जी रहे हैं, वह…

समग्र उन्नति के लिए चाहिए संतुलन

October 5, 2025
सर्वप्रथम मैं धनतेरस पर्व की बधाई के साथ ही समस्त बन्धुजनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं अनुज भाई-बहनों को दीपावली महापर्व की अग्रिम शुभकामना देता हूँ। मैं माता महालक्ष्मी से कामना करता हूँ कि वे सभी को स्वस्थ व समृद्ध तथा संस्कारों से परिपूर्ण रखें। अब बात करते हैं, समाज विकास की। जहाँ तक मेरी समाज के…

आप सभी को रंगो के पावन पर्व होली महोत्सव की बधाई : मनोहर सीरवी

March 10, 2025
आप सभी को रंगो के पावन पर्व होली महोत्सव की बधाई : मनोहर सीरवी मेरे सभी वन्दनीय बंधुजन-बहनों, सादर वन्दे! जय माँ श्री आईजी सा। सीरवी समाज की वेबसाइट "सीरवी समाज सम्पूर्ण भारत डॉट कॉम परिवार" की और से आप सभी का दिल की अन्तरंगता सु हार्दिक वन्दन-अभिनन्दन । समाज के समस्त सीरवी बन्धुओं, वरिष्ठ…

सशक्त नारी, सशक्त समाज यों ही देश री प्रगति रों आधार : सीरवी

March 5, 2025
सशक्त नारी, सशक्त समाज यों ही देश री प्रगति रों आधार खम्मा घणी सा हुकुम आज बात कर रियाँ हाँ नारी शक्ति री जो सदियों सूं समाज में एक खास भूमिका निभावती आ रही है। वा सृजन री जननी है, प्रेम और संवेदना री मूरत है, और जरूरत पड़े तो नारी शक्ति और संघर्ष रो…

समृद्ध सोच और सामाजिक उत्थान(७)।। मानव एक सामाजिक प्राणी है और समाज के बिना मानव का कोई अस्तित्व ही नहीं है।

February 5, 2025
।।समृद्ध सोच और सामाजिक उत्थान(७)।। मानव एक सामाजिक प्राणी है और समाज के बिना मानव का कोई अस्तित्व ही नहीं है। जो व्यक्ति अपने समाज के सामाजिक प्रतिमानों,मूल्यों ,रीति - रिवाजों और परम्पराओं के अनुरूप आचरण एवं व्यवहार करता है उसकी हर कोई मुक्तकंठ से प्रशंसा करता है। ऐसे व्यक्ति ही समाज की सांस्कृतिक विरासत…

प्रेरणा का स्रोत…. , मनोहर सीरवी

January 7, 2025
प्रेरणा का स्रोत.... सीरवी समाज की उन्नति में सर्वमान्य रूप से सीरवी समाज के संस्कारों व आदशों के महत्व को स्वीकारा जाता हैं। वास्तव में यह सत्य भी है, क्योंकी व्यक्ति तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक वह सफल व्यक्ति वाले संस्कारों तथा आदर्शों को ग्रहण नहीं करता। अतः ये तो सफलता की…

बदलाव बनाम संस्कारों को तिलांजलि : मनोहर सीरवी

September 23, 2024
बदलाव बनाम संस्कारों को तिलांजलि कहाँ से बात प्रारम्भ करें। प्रातः उठते ही दादी का दही घमोड़ने का कार्य - उसी से प्रारम्भ होती दिनचर्या - मक्खन मिश्रित मठा पीने से आत्मा तक तृप्त हो जाती । माँ द्वारा घर की घट्टी पर अनाज पीसते वक्त गाई गई स्तुति भजन आज भी जेहन में है।…

युवा वर्ग ही समाज का भविष्य :- सीरवी

August 8, 2024
युवा वर्ग ही समाज का भविष्य हम हमेशा गर्व करते हैं कि हम ऐसे सीरवी समाज से हैं, जो विश्व के श्रेष्ठतम समाज में से एक हैं। हमारे समाज की सफलता की पताका विश्व के कोने-कोने में उद्योग व्यवसाय ही नहीं बल्कि मानवता की सेवा में भी फहर रही हैं । शायद ही ऐसा कोई…

।।श्री आईमाता जी भेल(धर्म रथ):-एक युगान्तकारी पहल(६)।।

January 16, 2024
।।श्री आईमाता जी भेल(धर्म रथ):-एक युगान्तकारी पहल(६)।। श्री आईमाता जी ने श्री आईपंथ के नियम हमारे जीवन को सुख-समृद्धि एवं सुकूनदायी बनाने के लिए बताए है।ये नियम धर्मग्रंथों का सार तत्व है।ये नियम सुखी जीवन के लिए बड़े ही अनमोल है।हम सबका दायित्व बनता है कि हम श्री आईपंथ के नियमों को आत्मसात कर जीवन…

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