राजस्थान: हाल ही में चोमू में आयोजित सीएमसीएच कॉन्क्लेव 2025 में देशभर के हृदय रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन का नेतृत्व सीएम चोपड़ा अस्पताल के निदेशक डॉ. रोहित चोपड़ा ने किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में देवली-आऊवा, मारवाड़ जंक्शन निवासी अधिवक्ता घीसूलाल चौधरी और श्रीमती शांता देवी के सुपुत्र, डॉ. कैलाश चौधरी (सिन्दड़ा) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और सम्मेलन में हिस्सा लिया।
डॉ. कैलाश चौधरी, जो एमबीबीएस और एमडी (जनरल मेडिसिन) की उपाधियों के बाद वर्तमान में डीएम कार्डियोलॉजी में अध्ययनरत हैं, ने ग्रामीण स्वास्थ्य, हृदय रोग के समय पर निदान और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी पर चर्चा की।
सम्मेलन में देश में हृदय रोग की गंभीर स्थिति पर प्रकाश डाला गया। AIIMS और ICMR की रिपोर्ट के अनुसार, हृदय रोग मृत्यु का प्रमुख कारण बन चुका है। इसमें से 55% मौतें इलाज में देरी के कारण होती हैं, जबकि ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर उपचार मिलने पर मृत्यु का जोखिम 70% तक कम हो सकता है।
डॉ. चौधरी ने राजस्थान और मारवाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सीने के दर्द को अक्सर “गैस” या थकान समझकर नजरअंदाज करने की समस्या रेखांकित की। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक सुविधाओं जैसे ईसीजी, बीपी मॉनिटर, बेसिक कार्डियक टेस्टिंग और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी पर भी ध्यान आकर्षित किया।
समाधान के रूप में, उन्होंने गाँव-गाँव जनजागरूकता अभियान चलाने, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने, सस्ती दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और टेली-कार्डियोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर प्राथमिक जांच और रेफरल से जानें बच सकती हैं और इलाज की लागत कम हो सकती है।
डॉ. कैलाश चौधरी ने “दिल बचाओ, जीवन बचाओ” का नारा देते हुए प्रत्येक परिवार को हृदय रोग के खिलाफ जागरूक और सक्रिय होने का संदेश दिया।
प्रस्तुति: कानाराम सिन्दड़ा सीरवी ( बेंगलोर )
सह-संपादक: सीरवी समाज सम्पूर्ण भारत डॉट कॉम