वरकाणा, (राजस्थान): सीरवी समाज और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण, जब आज वरकाणा गाँव के लाल, शहीद जोधारामजी सोलंकी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। 1971 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए, जोधारामजी ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
शहीद जोधारामजी सोलंकी 1963 में भारतीय सेना के 12वीं मीडियम रेजिमेंट (ईएमई), में शामिल हुए थे। अपने शौर्य और पराक्रम से उन्होंने हमेशा देश का गौरव बढ़ाया। 1971 के युद्ध में, जब भारत और पाकिस्तान के बीच भीषण संघर्ष चल रहा था, तब उन्होंने अद्भुत वीरता दिखाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया और वीरगति को प्राप्त हुए। आज उनकी प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर समाज के गणमान्य व्यक्ति, सैनिक अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने शहीद को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को याद किया। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी। शहीद जोधारामजी सोलंकी जैसे जाँबाज़ भारत के लालों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनका नाम इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
प्रस्तुति- शंकर काग (पुणे)
पूर्व प्रतिनिधि- सीरवी समाज संपूर्ण भारत डाॅट काॅम
वरकाणा के वीर सपूत शहीद जोधारामजी सोलंकी की प्रतिमा का अनावरण