करोड़ों के रिसेप्शन और कौड़ियों के रिश्ते: दिखावे की आग में झुलसती बेटियाँ,

January 12, 2026
करोड़ों के रिसेप्शन और कौड़ियों के रिश्ते: दिखावे की आग में झुलसती बेटियाँ, अमीरी का नशा और रिश्तों का जनाज़ा: क्या यही है हमारे समाज की नई पहचान? प्रस्तुति:- प्रमिला चौधरी आज जब मैं अपने सीरवी समाज की ओर देखती हूँ, तो सर गर्व से ऊँचा भी होता है और शर्म से झुक भी जाता…

सीरवी समाज के बंधुओं! पैतृक संपत्ति संरक्षण: समय रहते ‘जमीन तरमीम’ करवाएँ, भावी पीढ़ी का भविष्य सँवारें

December 15, 2025
​आज, वर्तमान परिदृश्य में, यह विषय केवल हमारे सीरवी समाज के लिए ही नहीं, अपितु अन्य सभी समाजों के लिए भी एक विचारणीय एवं अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा है। यह सर्वविदित है कि हमारे समाज के कई भाई-बंधु पिछले कई वर्षों से दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों व क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं। ​इस दीर्घकालिक…

अंतिम संस्कार हो सम्मान से : तमिलनाडु में सीरवी समाज के लिए पृथक श्मशान घाट की आवश्यकता

September 24, 2025
आज हमारा सीरवी समाज, कई दशकों से तमिलनाडु की इस पावन भूमि को अपनी कर्मभूमि मानकर, यहां के लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण और सहयोग की भावना से निवास कर रहा है। हमने इस भूमि को अपनी मातृभूमि के समान स्नेह दिया है और यहां के सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ स्वयं को आत्मसात किया है। किंतु,…

अंधकार में भटका समाज और नेतृत्व का अभाव

September 10, 2025
आज जब हम अपने सीरवी समाज को वैश्विक परिदृश्य में अन्य समाजों के साथ रखकर देखते हैं, तो यह एक गंभीर आत्म-चिंतन का विषय बन जाता है कि हम वास्तव में कहाँ खड़े हैं?। यह तुलना केवल भौतिक प्रगति की नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना, नैतिकता और सामूहिक चेतना की भी है। विश्व के कई समाजों…

अखिल भारतीय सीरवी महासभा का मौन वेदना: जब समाज का दीपक बुझने लगे

September 7, 2025
महान भारत भूमि की गोद में, जहाँ हर समुदाय की अपनी एक गौरवशाली गाथा है, वहाँ सीरवी समाज भी अपनी कर्मठता, संगठन और जागृति के लिए जाना जाता है। इस समाज के इतिहास की परछाइयाँ इतनी गहरी हैं कि वे हमें आज़ादी के पहले के दौर तक ले जाती हैं, जब 21 जून, 1939 को…

आई पंथ: भादवी बीज – केवल अवकाश नहीं, एक महा पर्व

September 6, 2025
हमारे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन में कुछ ऐसे दिन होते हैं जो मात्र तिथियाँ न होकर, एक गहरी आस्था, परंपरा और सामुदायिक एकजुटता का प्रतीक होते हैं। हमारे आई पंथ में, भादवी बीज (भाद्रपद शुक्ल द्वितीया) ऐसा ही एक पावन पर्व है, जिसे वर्तमान युवा पीढ़ी केवल एक छुट्टी के रूप में देखना हमारी समृद्ध…

सीरवी संदेश: एक दर्पण जो धुंधला गया

September 4, 2025
सीरवी समाज के इतिहास के पृष्ठों पर जब हम पलटते हैं, तो 'सीरवी संदेश' नामक एक त्रैमासिक पत्रिका का जिक्र स्वर्णिम अक्षरों में मिलता है। सन् 1975 में राजस्थान सीरवी नवयुवक मण्डल, जोधपुर के तत्वावधान में श्री प्रभुलालजी लखावत (बिलाड़ा) द्वारा एक ऐसे साहित्यिक दर्पण की नींव रखी गई, जिसका उद्देश्य समाज की चेतना को…

वर्षों पहले, हम एक उज्ज्वल व बेहतर भविष्य की तलाश में अपने पैतृक गाँव, अपने प्रियजनों को छोड़कर

September 3, 2025
सीरवी समाज के उन बंधुओं को समर्पित, जो अपनी जन्मभूमि राजस्थान को छोड़कर दक्षिण के प्रांतों में जा बसे हैं। आज हम सभी को एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। वर्षों पहले, हम एक उज्ज्वल व बेहतर भविष्य की तलाश में अपने पैतृक गाँव, अपने खेत-खलिहान और अपने प्रियजनों…

सोशल मीडिया और हमारे‌‌ सीरवी समाज की बहू- बेटियाँ

September 2, 2025
आजकल सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर रील्स बनाने का चलन बहुत बढ़ गया है। यह सिर्फ एक मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि इसने हमारे समाज के सामने कुछ गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। जब हमारी बहु-बेटियाँ 'लाइक' और 'फॉलोअर्स' के लिए अपनी मर्यादा को भूलकर ऐसे वीडियो बनाती हैं, तो यह पूरे…

श्री आई माता जी के मंदिरों ( बडेर ) जैसे पवित्र स्थानों पर आपसी मतभेद और गुटबाजी का होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

August 30, 2025
हमारे सीरवी समाज में श्री आईमाताजी के मन्दिर (बडेर) का निर्माण आस्था और संस्कृति के प्रतीक के रूप में होता है। हालाँकि, कहीं जगहों पर यह देखने में आया है कि इन पवित्र स्थलों पर भी एकता की कमी नजर आ रही है, तथा कुछ जगहों पर दो फाड़ देखने को मिलते हैं। तथा आपसी…

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