समाज गौरव श्री पुखराज जी सीरवी (पूर्व आई.जी.पी)

श्री पुखराजजी सीरवी (चोयल)  सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष, मानवाधिकार आयोग, राजस्थान सरकार) किसी विद्वान ने कहा है :- चोयल कुल के दीपक बनकर ,स्व स्वर्णिम इतिहास बनाया है, किया नाम रोशन सीरवी जाति का, भारतवर्ष में नाम चमकाया हैं। दाग न लगने दिया पुलिस वर्दी पर, दीन दुखियों को गले लगाया हैं, युगो-युगो तक चमके यह सितारा, समाज रत्न का किताब जो पाया है। उपयुक्त पंक्तियों को सार्थक करने वाले सीरवी समाज के यशस्वी महापुरुष समाज गौरव, अपने समाज के युग पुरुष एवं प्रतिभाओं का भविष्य बनाने वाले ग्राम अटबड़ा के चोयल कुल के चमकते सितारें एवं कुल दीपक श्री पुखराज सीरवी (आई.पी.एस ) पिता धूलारामजी चोयल की आँखों के तारे एवं माता-श्रीमति गीगी देवी के लाडले-दुलारे 6 मई 1944 को चोयल परिवार में जन्म लेकर अपने कुल का गौरव एवं मान बढ़ाया। आपने प्राथमिक शिक्षा ग्राम अटबड़ा, उच्च प्राथमिक शिक्षा ग्राम पिपलियां कलां, सेकेंडरी की शिक्षा ग्राम बिलाड़ा से प्राप्त की। अपने वाणिज्य वर्ग में स्नातक की उपाधि एवं अर्थशास्त्र विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री सन 1965 में प्राप्त की आपका शुभ विवाह श्रीमति भूरीदेवी के संग हुआ। सीरवी समाज के इतिहास में सन् 1967 में प्रथम आर.पी.एस बनकर आपने एक सुनहरा इतिहास बनाया, जिस पर संपूर्ण भारत समाज को नाज है। आप की प्रथम नियुक्ति पुलिस उप अधीक्षक के पद पर जालोर में हुई। वही जालोर जिसके कीले से निकल कर जणवों के साथ सीर में खेती करने पर हम सीरवी कहलाये। यह भी एक सुखद संयोग है कि समाज के इस चमकते सितारे ने भी अपने नाम के पीछे सीरवी लिखकर जाति को एक नई पहचान दी।सन् 1975 में आपकी पदोन्नति अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर हुई। सन् 1981 में भारतीय पुलिस सेवा पर पदोन्नति हुई और डूंगरपुर जिले के पुलिस अधीक्षक बने। आपकी कर्तव्य परायणता, निडरता, पुलिस सेवा के प्रति निष्ठा एवं सराहनीय सेवाओं के कारण 26 जनवरी 1985 में ” राष्ट्रपति पुलिस पदक ” से अलंकृत किया गया। जो सीरवी समाज के इतिहास में स्वर्णिम दिन था। सन् 1996 में आपकी पदोन्नति अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक के पद पर हुई। आप सीरवी समाज ही नहीं अपितु पुलिस विभाग में भी ऐसे बिरले पुलिस अधिकारी हैं, जिन्हें दोबारा 26जनवरी 2004 में राष्ट्रपति पुलिस पदक के अलंकरण से सुशोभित किया गया। पुलिस विभाग में अपनी शानदार सेवा, सबके प्रिय एवं जन-जन के हृदय सम्राट श्री सीरवी अपनी 37 वर्षों की अविस्मरणीय सेवा पूर्णकर 31 मई 2004 को बीकानेर रेन्ज के पुलिस महानिरीक्षक पद पर के सेवा निवृत हुए। अपनी व्यवहार, कुशलता, विनम्रता, ईमानदारी एवं कर्तव्य परायणता के कारण राजस्थान सरकार ने 15 अप्रैल 2006 को राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का मान्य सदस्य नियुक्त कर आपकी विद्धता,प्रखर प्रतिभा का समान किया। आपकी शानदार सेवाओं एवं न्याय प्रियता के कारण राजस्थान सरकार ने 23 अक्टूबर 2010 को सीरवी समाज के चमकते सितारे को राजस्थान सरकार ने ” राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ” के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया। अपने जीवन की श्रेष्ठ उपलब्धि भरी सेवाओं, जन-जन को न्याय दिलाने वाले किसानों के मसीहा, दीन-दुखियों के ह्रदय सम्राट श्री पुखराज सीरवी, अध्यक्ष, राज्य मानवाधिकार आयोग के पद से 13 अप्रैल 2011 को सेवानिवृत्त हुए। सभी के लिए, सभी के साथ, सभी की होकर जीने की प्रेरणा आपके आचरण एवं व्यवहार में दिखाई देती हैं। मान-सम्मान बड़ाई कोसों दूर समाज हितैषी, कुल दीपक श्री पुखराज जी सीरवी अपने आपने एक स्वर्णिम इतिहास को समझते हुए सच्चे अर्थों में सीरवी समाज के गौरव, कर्णधार एवं युगपुरुष हैं। आपको माँ आईजी के पावन मन्दिर (बड़ेर ) बिलाड़ा के प्रांगण में पूजनीय धर्मगुरु दीवान माधवसिंहजी के कर कमलों से यह अभिनन्दन पत्र प्रदान कर हम सभी सीरवी समाज के प्रबुद्ध जन अपने आपको गौरवान्वित अनुभव करते हैं। माँ श्री आई जी से आपके सफल, सुखद एवं उज्जवल, भविष्य और शतायु होने की मंगल कामना करते हैं।।

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