श्री प्रमोद सीरवी

किसी विद्वान ने लिखा है – दृढ़ निश्चय के आगे तो, पहाड़ तक झुक जाते है।
जब हम संकल्प ले बढ़ जाते हैं, तो तुफान तक रुक जाते है। उपरोक्त पंक्तियों को सार्थक करने वाले श्री प्रमोद सीरवी का जन्म 15 अगस्त 1992 को ग्राम-बिलाड़ा निवासी श्री ओमप्रकाश सीरवी (वित्तीय सलाहकार नगर निगम, जोधपुर) पिता के यहाँ हुआ । आपकी माता का नाम श्रीमती मांगीदेवी है। बाल्यकाल से ही मेधावी छात्र रहे श्री प्रवीण सीरवी प्राथमिक विद्यालय से ही अंग्रेजी माध्यम की स्कूल सेन्ट पाॅल में शिक्षा प्राप्त करते हुए 10 वीं बोर्ड की परीक्षा सन् 2007 में 92 प्रतिशत अंकों से एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षा सन् 2009 में 94 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की ।इसके पश्चात आपका चयन B.Tech (Electric Engineer) में हुआ और आपने मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से B.Tech की डिग्री 91 प्रतिशत अंकों में सन् 2013 में उत्तीर्ण की । इसके पश्चात आपने बेंगलुरु में ABB कम्पनी में वर्ष 2013-14 में सर्विस की तथा जून 2014 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की तैयारी करने हेतु नई दिल्ली में कोचिंग सेंटर बाजीराव एंड रवि में प्रवेश लिया तथा दतचित होकर मनोयोग पूर्वक कम्पीटीशन की तैयारी में जुट गये । आपने राजस्थान प्रशासनिक सेवा 2013 में प्रतियोगी परीक्षा में अपना भाग्य आजमाया और आप बहुत ही भाग्यशाली रहे कि आपका प्रथम प्रयास में ही R.A.S.-2013 की परीक्षा में 6वीं रेंक पर चयन हो गया । जिस पर संपूर्ण सीरवी समाज को नाज है। इतना ही नहीं आपने सन् 2016 में आयोजित I.A.S. (भारतीय प्रशासनिक सेवा) की मुख्य परीक्षा दे चुके हैं । जिसका रिजल्ट अभी आना बाकी है । आपके पिता श्री ओमप्रकाश सीरवी भी अपने समय में मेधावी छात्र रहे हैं‌। सन 1996 में आपका चयन भी लेखा सेवा में हुआ था । आपके अनुज भ्राता श्री प्रदीप सीरवी का I.I.T. में चयन हुआ था तथा 2015 में B.Tech (Electrical) की डिग्री प्राप्त की थी । Gate परीक्षा में भी प्रदीप सीरवी की संपूर्ण भारत में प्रथम रैंक थी । वर्तमान में श्री प्रदीप सीरवी P.G.C.I.L (पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) में X Eng. पद पर कार्यरत हैं।

श्री प्रमोद सीरवी का राजस्थान प्रशासनिक सेवा में 6वीं रैंक पर चयन होने के बारे में पूछा गया तब आपने बताया कि श्री कानाराम चोयल का (I.A.S.) में चयन एवं श्री पुखराज सीरवी (I.P.S.) पद पर रहना आपके जीवन का प्रेरणास्रोत रहा है । इन्हीं को अपने आदर्श मानकर प्रतियोगी परीक्षा की बड़े परिश्रम के साथ तैयारी की तथा प्रतिदिन 8-10 घंटे नियमित रुप से अध्ययन किया एवं प्रथम प्रयास में ही आपको सफलता मिली । आपको सीरवी समाज में जन्म होने पर गर्व की अनुभूति है तथा यथाशक्ति समाज बंधुओं की सेवा करने में तत्पर रहेंगे । सीरवी समाज आपके उज्जवल भविष्य की मंगलकामना करता है तथा मां जी से प्रार्थना करता है कि आप का भी चयन I.A.S. में हो ।

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