चेन्नई (तण्डियारपेट): दक्षिण भारत की पावन धरा आज ‘आई माताजी’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठी। तण्डियारपेट स्थित केसरदात्री माँ श्री आई माताजी मन्दिर के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्यातिभव्य महाकुम्भाभिषेक महोत्सव ने श्रद्धा, भक्ति और अटूट विश्वास का एक अनूठा इतिहास रच दिया। श्री सीरवी समाज (तण्डियारपेट) के तत्वावधान में आयोजित इस आध्यात्मिक महाकुंभ ने संपूर्ण क्षेत्र को साक्षात ‘देवनगरी’ में परिवर्तित कर दिया।
धर्म गुरु दिवान साहब के सानिध्य में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, इस महोत्सव का आध्यात्मिक आकर्षण आई पंथ के धर्मगुरु, परम पूजनीय दिवान साहब श्री माधवसिंहजी की गरिमामयी उपस्थिति रही। जैसे ही दिवान साहब का चेन्नई की धरती पर पदार्पण हुआ, समाज के हज़ारों बंधुओं ने पलक-पावड़े बिछाकर उनका भावभीना स्वागत किया। उनके दर्शन मात्र से ही भक्त भाव-विभोर हो उठे।
वैदिक मंत्रोच्चार से शुद्ध हुआ वातावरण, नुष्ठान की शास्त्रीय मर्यादा को पंडित आचार्य श्री रवि शास्त्रीजी महाराज ने नई ऊंचाइयां दीं। उनके सस्वर वैदिक मंत्रोच्चारण और विशिष्ट विधि-विधान ने वातावरण में ऐसी सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया कि उपस्थित हर श्रद्धालु भक्ति के आनंद में सराबोर नजर आया।
भक्ति के महासागर में डूबी देवनगरी चेन्नई: माँ आई माताजी मंदिर का 12वां वार्षिकोत्सव व महाकुम्भाभिषेक संपन्न