समाज स्तर पर विवाह प्रमाण पत्र – तेलंगाना सीरवी समाज की नयी पहल

हेदराबाद तेलंगाना / सीरवी समाज (आन्ध्र प्रदेश) हेदराबाद तेलंगाना द्वारा, समाज के पंजीकृत सदस्य परिवारों में होने वाले वैवाहिक संबंधो को प्रमाणित करने की प्रक्रिया लिखित रूप से साक्षी और समाज के पंचो द्वारा अधिकृत कर प्रमाण पत्र के रूप में प्रदान करने की नयी पहल का शुभारम्भ करने की प्रक्रिया आरम्भ की

सीरवी समाज पारसीगुटा हेदराबाद के सचिव किशनसिंह राठौड़  के अनुसार तेलंगाना और आन्ध्र प्रदेश में निवास करने वाले सीरवी समाज के परिवारों के मध्य होने वाले वैवाहिक संबंधो के प्रति आये दिन हो रहे सम्बन्ध विच्छेद की घटनाओं और सामजिक ढाँचे के इस हेतु पर्याप्त नियमावलिया नहीं होने के चलते एक विस्तृत कार्य योजना के तहत समस्त कमिटी द्वारा यह निर्णय लिया जा रहा है की जो भी सीरवी बंधू विवाह रस्म निभाता है उसे समाज को एक विस्तृत आवेदन पत्र के द्वारा सम्पूर्ण जानकारी जिसमे वर और वधु के विवाह हेतु पर्याप्त दस्तावेज एवं विवाह हेतु दोनों परिवारों के जम्मेदार सदस्यों के शपथ पत्रों के द्वारा प्रमाणित कर प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाया जाएगा जिसके बिनाह पर वह अपना विवाह पंजीकरण सम्बंधित नगर पालिका / परिषद् / निगम आदि से प्राप्त कर सकता है, इस प्रमाण पत्र में विवाह की तारीख से लेकर पंजीकरण की जानकारी, वर एवं वधु के फोटो, दोनों की पूर्ण डिटेल जैसे पिता का नाम माता का नाम पूर्ण पता आयु जन्म दिनांक गोत्र जाती नागरिकता और विवाह स्थान, पंडित का नाम और उसका पता, दोनों पक्षों के जिम्मेदार मौजिज दो दो सदस्यों की गवाही एवं पांच सामजिक पञ्च की गवाही के साथ साथ प्रमाण पत्र जारी करने हेतु अध्यक्ष सचिव अधिकृत करेंगे

जैसा की सभी को ज्ञात है, मारवाड़ से पलायन कर रोजगार हेतु दक्षिण भारत में बसे सीरवी परिवारों की सभ्यता और संस्कृति के मायनों को जीवित रखने एवं आपसी सहमती से किये गए ऐसे वैवाहिक संबंधो के प्रति जिम्मेदारी तय करने के अतिरिक्त सरकारी दस्तावेजो में विवाह मान्यता हेतु यह कदम उठा गया है, इस कदम के कारण दम्पतियों में छोटे बड़े विवाद को कानूनी तौर पर सुलझाने के महंगे और लम्बे समय की बजाय प्रथम तौर पर विवाह के साक्षी समाज के द्वारा समाज की परिवार प्रथा के विघटन होने से बचाने का यह आवश्यक कदम रहेगा

सम्पूर्ण विश्व में भारत देश अपनी सभ्यता में समाज और परिवार की महत्ता के लिए विश्व गुरु की तरह जाना जाता है, इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए देश के हजारो मानव समाज और उनकी संस्कृतिय अपने रीती रिवाजो के माध्यम से इसको अक्षुण रखने की कोशिश करते है, वर्तमान समय में बदलती जीवन शैली के कारण छोटे बड़े मन मुटाव से परिवार व्यवस्था संक्रमण काल से गुजर रही है, वर्तमान में सम्बन्ध विच्छेद की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है, महिला शिक्षा से लेकर आधुनिक जीवन शैली एवं पारिवारिक संस्कार अपने बदलते मायनों के बीच इस अभूतपूर्व प्रयास से नया इतिहास शुरू करेगी ऐसा सीरवी समाज के सभी सदस्यों का मानना है

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