श्री महेंद्रसिंह चोयल

जीवन के अन्य पक्षों के विकास के साथ-साथ सीरवी समाज में कुछ लोगों ने कलाकार के रूप में भी दूर-दूर तक ख्याति प्राप्त की है। कवि, लेखक व कलाकार की कोई अपनी गृहसीमा नहीं होती है। कला ही उनकी पहचान होती है।

समाज के कुछ ज्ञात प्रमुख कलाकार निम्न हैं :-

महेंद्रसिंह पुत्र श्री चंद्रसिंह चोयल, ग्राम अटबड़ा के हैं। इन्होंने बी.कॉम , सी.पी एड. वी बी. एड, शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में यह सीरवी समाज द्वारा संचालित “दीवान रोहिताश्व विद्या मंदिर”अटबड़ा में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं । यह गत 12 वर्षों से कला के क्षेत्र में है इनका क्षेत्र संगीत व नृत्य है यह गायक कलाकार है इनके स्वरचित कैसेट निम्न हैं :-

(1) आईजी माताजी महीमा
(2) पैदल चलता-चलता जै बोले आईमात की
(3) आई माता रा भजन
(4) कन्दोरो घडा़ दे
(5) सोना री झूमरीया
वी.सी.डी मधुर गीत कैसेट भी इन्होंने बनाया है जिसमें प्रमुख हैं:-
“पैदल चलता-चलता जय बोलो आई माता की” इस कैसेट के 10,000 से अधिक सेट जनता के माध्य पहुंच चुके हैं। इनके साथ अन्य कलाकारों ने भी सहयोग किया है इनका प्रमुख उद्देश्य श्री आई माता के उपदेशों का प्रचार करना वह प्रसार करना और धार्मिक भावनाओं को जागृत करना है।

अधिक पढ़ें

भावना सीरवी

किसी विद्वान ने लिखा है कि..
यदि अम्बर नहीं होगा तो चाँद सितारे क्या करेंगे?
यदि समुद्र नहीं होगा तो किनारे क्या करेंगे?
यदि मन मन्दिर में श्रद्धा की ज्योति नहीं जली तो..
मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरुद्वारे क्या करेंगे
सरल सौम्य स्वभाव, मुदुभाषी, मिलनसार, व्यवहार कुशल, लेखनी की धनी, स्पष्टवादी और समाज-सेवा को समर्पित भावना सीरवी का जन्म पाली जिले के एक साधारण किसान परिवार में श्री भीकारामजी सीरवी के घर 25 अप्रैल 1994 को हुआ, माता श्रीमती लक्ष्मी देवी के स्नेह-आँचल में पलकर बड़ी हुई। सुश्री भावना ने शिक्षा के क्षेत्र में M.A उत्तीर्ण किया। आपने स्कूल की पढाई M.B.M. स्कूल व बालिया बालिका स्कूल से की ।स्नातक व स्नातकोत्तर की पढाई JNVU जोधपुर से की ।आपको कम्प्यूटर शिक्षा में भी बहुत रूचि थी, इसलिए आपने कम्प्यूटर की शिक्षा Jeet Computer से ली व वहीं पर दुसरों को भी कम्प्यूटर सिखाना शुरु कर दिया आपको Accounting का भी Knowledge था। कॉलेज की छात्राओं को Tally Account सिखाने का काम भी किया करती थीं ।
आपका संगीत सफर –
संगीत में आपको बचपन से ही विशेष रूचि थी । कहते है कि मन में अगर कुछ ठान ऐ तो कोई काम मुश्किल नहीं। बड़े भाई हरीश सीरवी के विशेष प्रोत्साहन और सहयोग से आज आपने संगीत के क्षेत्र में उम्दा नाम कमाया । साथ ही भाई मोहनजी व अन्य परिवार जनों का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा । संगीत की शुरुआत आपने सर्वप्रथम माही बीज पर भजनों कि प्रस्तुति देकर की । इसके बाद शिवरात्रि की भजन संध्या पर भी प्रस्तुति दी । आपका पहला एल्बम गजबन फागन था, जो आपने स्वयं लिखा व गाया। इसके बाद आपने कृष्णा स्टुडियो से ही शादी, ढुंड व फागण के अन्य गाने भी रिकार्ड किये। आपने हाल ही में ही अराध्या देवी श्री आई माता जी का गीत स्वयं लिख कर रिकॉर्ड किया जिसका नाम “मां अम्बे रो अवतार जी” है|
केशरदात्री अखण्ड ज्योति स्वरूपा माँ श्री आईजी एवं माँ श्री सरस्वतीजी की अपार कृपा दृष्टि सुश्री भावना पंवार और इनके परिवार पर सदा बनी रहे तथा आपके हृदय में उच्च विचार और समाज सेवा की ज्योति सदैव प्रज्ज्वलित रहे।
प्रस्तुति- मनोहर राठौड़ मैसूर , श्रीमती भारती परीहारिया
प्रषेक- सीरवी समाज सम्पूर्ण भारत डॉट कॉम

अधिक पढ़ें

श्री घीसा राम चौधरी सीरवी

किसी विद्वान ने लिखा है कि..
यदि अम्बर नहीं होगा तो चाँद सितारे क्या करेंगे?

यदि समुद्र नहीं होगा तो किनारे क्या करेंगे?
यदि मन मन्दिर में श्रद्धा की ज्योति नहीं जली तो..
मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरुद्वारे क्या करेंगे?

सरल सौम्य स्वभाव, स्पष्ट वक्ता, व्यवहार कुशल, न्यायप्रिय, धार्मिक प्रवृति तथा सबको साथ लेकर चलने की अदभुत क्षमता वाले जुझारू एवं कर्मठ समाजसेवी श्री घीसा राम चौधरी सीरवी का जन्म 15 जुलाई 1966 को राजस्थान में पाली जिले की तहसील मारवाड़ जंक्शन, के अन्तर्गत आने वाले ठाकरवास गाँव के साधारण किसान परिवार में हुआ। पिता श्री केरा राम जी के लाड़-प्यार एवं माताश्री रतनीदेवीजी के स्नेहमयी आँचल में संस्कारो की लोरी सुनकर पले-बढ़े श्री घीसाराम चार भाई-बहिनों में आप श्री पांच भाई-बहनों के मध्य हैं। आपके दो बड़े भाई श्री नेनाराम किसान एवं श्री मांगीलाल जी किसान खेती कर कर रहे अपने बड़ों को आदर-सम्मान देना और छोटों पर स्नेह व अपनत्व की वर्षा करना आप के स्वभाव की विशेषता रही है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा राजकीय आर्दश उच्च प्राथमिक विद्यालय ठाकुरवास में हुई, जहाँ से आपने पांचवीं तक की पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही आप में शिक्षा के साथ ही साथ संगीत के प्रति गहरी रूचि रही। तथा कक्षा छः से ग्यारह तक सुमति शिक्षा सदन राणावास में अध्धयन सदा Class Topper भाषण रत्न आचार्य तुलसी दास महामहिम राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह जी ने सम्मानित किया उत्कृष्ट खिलाड़ी खोखो और हॉकी में प्रतिनिधित्व किया, व दशवी बोर्ड में 23वा स्थान नीड कम मेरिट छात्रवृत्ति मिली वही पाली बांगड़ महाविद्यालय से स्नातक किया विद्यालय एवम महाविद्यालय हर स्तर पर आप श्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, और राजकीय महाविद्यालय अजमेर से M,A, English और राजनीति विज्ञान में किया तथा अजमेर राजकीय महाविद्यालय में उपाध्यक्ष रहे अंग्रेजी राजनिति विज्ञान के अलावा मनोविज्ञान और दर्शन शास्त्र में भी अधिस्नातक M,A, किया और आप श्री ने राजस्थान विश्व विद्यालय से LL,B, की डिग्री ली तथा तृतीय श्रेणी शिक्षक से नोकरी सन 1992 मै शुरू कर व 1996 मे द्वितीय श्रेणी शिक्षक बने 1999 मे आप पहली बार सामाजिक धार्मिक स्थल jijiwad dayalana की प्राण प्रतिष्ठा में चढ़ावे की बोलियों से समाज सेवा में प्रवेश किया तत्पश्चात आई माता जी की छोटी बड़ी प्रतिष्ठा में सेवा दी बैंगलोर शहर को छोड़ बाकी सभी जगह अवसर मिला है mp के कुक्षी से मद्रास की भूमि , महाराष्ट्र , गुजरात आंध्रा प्रदेश कर्नाटक तेलंगाना हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड सभी जगह चढ़ावे की बोलिया भी लगाई है और भजन संध्या भी की है भजन संध्या की कैसेट कृष्णा महेश एवम yuki मे रिकॉर्ड है बिलाड़ा में जावना आई ने मनवाना खूब प्रसिद्ध huya tha कृष्ण बलराम के अलावा रामदेव बाबा और चेतावनी और गुरू महिमा भी खूब चले है रामदेव बाबा के गुड़िया की नामचीन प्रतिष्ठा आपने ही करवाई है सरकारी सेवा में 2006मै पद्दोनत्ती सिर्फ समाज सेवा के लिए छोड़ी dalyana ट्रस्ट और नव युवक मंडल का पंजीयन कराया मै संस्थान का सह सचिव हूं 2015 मे व्याखाता अंग्रेजी पद पर join कर vice principal khinwara और आज भी खिंवाड़ा महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में प्रिंसिपल का पद संभाल रहे हैं संचालक एवम भजन कलाकार के रुप में डाया लाना जीजी बड़ से शुरू होकर भगवान पूरा मालसबावडी, कंटालिया सारंगवास हरियामाली बोरनाडी मुसलिया मामावास सुरायता कुशाल पूरा कानेचा सीवास घेनरी देवली भीमालिया कराड़ी banta कलापीपाल की ढाणी इंड्रो का ढाणी जोजावर खिंवाड़ा सहित लगभग 125मंदिर में भाग लिया प्रवास मै मद्रास के ट्रिप्लीकेन पड़डपे तंडियार पेट सहित maddipakkam , चिक बंगलोर विकोटा हैदराबाद में jiddimetala अलमसगुडा उप्पल समाशाबाद , पुणे की बीबावेबादी , कसरवादी,visharantbadi ,badgavshery , गुजरात की अंकलेशर, भरूच नवसारी और गांधीधाम जेसे कही बड़े शहरों में आप श्री ने भजनों की प्रस्तुतियां दी

केशरदात्री अखण्ड ज्योति स्वरूप माँ श्री आईजी एवं माँ श्री सरस्वतीजी की अपाऑर कृपा दृष्टि श्री चोयल और इनके परिवार पर सदा बनी रहे तथा आपके हृदय में उच्च विचार और समाज सेवा की ज्योति सदैव प्रज्ज्वलित रहे।

अधिक पढ़ें

भजन लेखक- श्री मनीष सीरवी हाम्बड़

नाम – मनीष सीरवी
गौत्र – हाम्बड़
माता/पिता – पानी देवी/ हरजी राम जी सीरवी
बेरा – निम्बडीया
गांव/रायपुर/तहसील/ रायपुर/जिला-ब्यावर
हाल निवास – हैदराबाद
शिक्षा – 12वी पास
मुझे बचपन से ही अन्य प्रकार के भजन, कथाएं सुनने का शौक रहा है ओर सुनते सुनते गाने की कोशिश भी करता था ओर फिर मैंने सोचा कि भजन गाने मे ही अपना जीवन समर्पित कर दू लेकिन माताजी को तो कुछ ओर ही मंजूर था तो फिर मारवाड़ में मैंने चौथी पढ़कर हैदराबाद आ गया ओर फिर मैंने 1-12 वी तक हैदराबाद अपनी पढ़ाई की ओर फिर हैदराबाद में दूकान मे पिताजी अकेले होने के कारण उनकी सहायता कर हेतु मैंने 12वीं पास कर शिक्षा को छोड़ना पड़ा ओर मेरे भजन सुनने ओर गाने का लगाव जारी रहा,,जबसे दुकान संभाली है तबसे सुबह बिना माताजी के भजन सुने कार्य प्रारंभ होता नहीं था ओर वो आज भी बरकरार है चाहे वो भजन किसी भी लेखक द्वारा लिखा गया हो या किसी भी गायक द्वारा गाया हुआ हो, मुझे सबके गाने पंसद है,, मै जब भी आई माताजी के भजन या कथाएं सुनता था वो सारे के सारे आदरणीय श्रीमान लखन जी चौधरी द्वारा लिखित थे उनसे मै बहुत प्रेरित हुआ और मैंने उनको अपना आदर्श मानते हुए मैंने लिखना शुरू किया ओर 2018 मे सबसे पहले भजन डायरी एप्प मे जितने भी युटुब पर भजन होते थे वो उन सबके लिरिक्स उसमें एड कर देता था ओर तबसे मुझे गाने मे तो रूची कम ओर लेखन में ज्यादा बढ गई,,,, एसा करते करते 2019 मे जब रेल मे यात्रा कर रहा था तब मैने अनिल जी नागोरी के जन्मोत्सव पर सोंग बनाया उस सोंग से मुझे कुछ खास पहचान मिली नहीं ओर धीरे धीरे सीखता रहा फिर मैंने सोचा ऐसे तो अपनी पहचान बनेगी नहीं फिर मैंने 2020 के लाॅकडाउन में मैंने ठान ली की समाज अपनी पहचान बनानी है। तो फिर मैंने अपने खुद का पहला प्रयास किया ओर आई माताजी का एक सोंग बनाया जो की गाने का शीर्षक था महीमा अपरम्पार आपरी लीला अपरम्पार जिसमें राजस्थान के मशहूर गायक श्रीमान महेंद्र सिंह जी राठौड़ ने गाया। ओर वो 25-08-2020 को RMT MUSIC पर प्रकाशित हुआ उसके बाद उसी साल श्री केसरिया कंवर जी भजन आई माताजी , बाबा रामदेव जी के लगातार कुछ नया करने का प्रयास करता रहा ओर कही सारे युटुब चैनल पर रिलीज किए गए उस समय मुझे युटुब का कोई ज्ञान नहीं था मुझे आई माताजी के जुडे के बारे में पढने का बहुत शौक रहा है जैसे ही मैंने आईपंथ दिवान वंशावली पढी तब मैंने आईपंथ के चौथे दिवान श्री रोहित दासजी की महीमा बनाई रोहित दासजी महातपधारी जो की आई माताजी के परम भक्त थे ओर 2022 मे हैदराबाद में धाम आईजी रो कहावे आई माताजी सोंग बनाया उसके बाद मेरी मुलाकात सुनील जी सीरवी जो की आर्टिस्ट व इंस्टाग्रामर है उनके सुझाव के बदौलत मैंने अपना MANISH SIRVI OFFICIAL नाम से चैनल प्रारंभ किया उसकी शुरुआत भी जोधाणा नगरी में आई माताजी रो धाम श्री आई माताजी के भजन से किया फिर मां आईजी व माजीसा की कृपा से ओर समाज के भाई -बंधुओं का सहयोग आशीर्वाद से मैं आगे बढता रहा……
मेरे चैनल पर रिलीज हो चूके गाने बिलाड़ा, बिजोवा श्री आई माताजी गाने व पहली बार बिठुडा पिरान श्री आई माताजी की कथा श्री आई माताजी की नई आरती, श्री माता रानी भटियानी सा भजन व आरती,श्री बाबा रामदेव जी, श्री सत्यवादी वीर तेजाजी महाराज, श्री गोगाजी महाराज, श्री केसरिया कंवर जी महाराज श्री आशापुरा माताजी, श्री अर्बुदा माताजी, श्री गाजण माताजी व अन्य प्रकार के भजन आप देख सकते ओर सुन सकते हैं जिससे
आईजी जगमग जागी केसर वाली ज्योत, बिजोवा आई माताजी महीमा ओर बिठुडा पिरान आई माताजी की कथा माताजी की कृपा से ओर आप सभी के सहयोग से नंबर वन पर चल रहा है
ऐसे ही मां आईजी की कृपा दृष्टि व आप सभी का आशीर्वाद और सहयोग बना रहे तो आगे ओर माताजी के नये नये गाने लाने का प्रयास रहेगा………।।
प्रेषकः- श्री रमेश सीरवी चोयल 94482 21197
16.11.2024

 

अधिक पढ़ें

श्री आनन्द सीरवी चोयल- गायन स्टूडियो हैदराबाद

।श्री आई माताजी नमः।

नाम – आनंद सीरवी
गौत्र – चोयल
माता/पिता – घेवरी देवी/सोहनलाल जी सीरवी
बेरा – निम्बडीया
गांव सियाट/तहसील सोजत/जिला -पाली / राजस्थान
हाल निवास – हैदराबाद
शिक्षा – 11वी पास
मैने बेंगलुरु कर्नाटक कामाक्षीपल्या में तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की फिर मैं अपने परिवार सहित हैदराबाद कट्टेदान में आ गया ओर यहां पर 4-11 वी तक मैंने पढ़ाई की फिर उसके बाद 3 साल तक पिताजी के साथ बिजनेस मैं हाथ बंटाया लेकिन मुझे कुछ अलग ही पहचान बनानी थी और एक सपना था की मेरा भी एक रिकर्डिंग स्टूडियो हो फिर मैंने 2020 में स्टूडियो का काम सीखना प्रारंभ किया 2023 तक मैंने काम किया इसी बीच 2021 मे sirvi records नाम से युटुब चैनल प्रारंभ किया ओर उसके बाद 18 नवम्बर 2023 में अपना खुद का स्टूडियो का शुभारंभ किया जिसका नाम आई माताजी प्रोडक्शन रखा और साथ ही साथ स्टूडियो के नाम पर यूट्यूब चैनल भी प्रारंभ किया हमारे आई माताजी प्रोडक्शन की ओर से सीरवी समाज के सभी गायकों को नि: शुल्क सेवा उपलब्ध है हमारे यहां रिकार्डिंग के अलावा सभी प्रकार की विडियोग्राफी/फोटोग्राफी/ लाईव स्टिमिंग/ और अन्य प्रकार के शूटिंग भी उपलब्ध है

फोन नंबर -9346582760
सभी प्रकार के सॉन्ग रिकार्डिंग किया जाता है ।।

प्रेषकः-श्री रमेश जी चोयल मैसूर 94482 21197

अधिक पढ़ें

Recent Posts