धर्मपुरी (कारीमंगलम): भक्ति, शक्ति और परंपरा का एक अद्भुत संगम आज कारीमंगलम की धरा पर देखने को मिला। श्री आई माताजी मंदिर के मूर्ति स्थापना, पाट स्थापना और अखंड ज्योति प्रज्ज्वलन के साथ ही मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और ऐतिहासिक भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
इस महोत्सव का सबसे गौरवशाली क्षण तब आया जब धर्म गुरु दीवान श्री माधव सिंह जी का भव्य ‘बधावा’ किया गया। उनकी पावन उपस्थिति ने पूरे आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी। उनके सानिध्य में एक ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें: भक्ति का सैलाब: हज़ारों की संख्या में समाज के लोग और श्रद्धालु माताजी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
सजावट और वैभव: पुष्प वर्षा और रंग-बिरंगी ध्वजाओं से पूरा मार्ग किसी उत्सव नगरी की तरह प्रतीत हो रहा था। वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ माताजी की प्रतिमा को गर्भगृह में विराजित किया गया। सीरवी समाज की पारंपरिक रीतियों के साथ पाट गादी की स्थापना कर आई पंथ’ की प्रतीक अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
“धर्म गुरु दीवान श्री माधव सिंह जी ने अपने संबोधन में प्रेम, सद्भाव और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया, जिसे सुनकर जन-समूह भावविभोर हो गया।”