क्षत्रिय सिर्वी समाज मध्यप्रदेश की कुक्षी तहसील के युवा संगठन का मनोनय

January 13, 2020
मध्यप्रदेश / कुक्षी / क्षत्रिय सिर्वी समाज तहसील कुक्षी के सानिध्य में कुक्षी तहसील के युवा कार्यकारणी का मनोनय सम्पन्न हुआ जिसमे कुक्षी के युवा साथी श्री युवराज सेप्टा बने अध्यक्ष क्षत्रिय सिर्वी समाज युवा संगठन,कुक्षी के साथ ही कुक्षी तहसील के समस्त ग्राम से पधारे युवा साथी,वरिष्ठजनों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री युवराज सेप्टा के…

रिश्तेदार बन कर जिओगे तो रिश्ता तीर्थ बन जायेगा

January 2, 2020
व्यक्ति अगर रिश्तेदार बनकर जियेगा तो रिश्ता तीर्थ स्थल बन जायेगा । परिवार रिश्तेदारों से बनता है।दावेदारों से नहीं ।यदि रिश्तों को तीर्थ नहीं बनाया तो कितनी भी तीर्थ यात्राएं कर लो कुछ फल प्राप्त होने वाला नही है। परिवार वह सुरक्षा कवच है जिसमें रह कर व्यक्ति शांति का अनुभव करता है। अगर आपके…

आदर्श प्रतिमानों को खोता सीरवी सामाज

सीरवी समाज जिसके मूल में "सीर" की भावना है।सीर का अर्थ सहभागिता,सहकारिता औऱ सहयोग की भावना। हमारे पुरखे कहते थे कि "हम तो हीरवी है,सबो रो हीर है।" वे लोग इस भावना से कार्य करते थे,समाज मे भले ही शिक्षा का स्तर न्यून था लेकिन उनकी समझ बहुत बड़ी थी।उन लोगो की इस विराट सोच,विशाल…

सामूहिक विवाह के पालनीय सूत्र 

January 1, 2020
सामूहिक विवाह के पालनीय सूत्र विवाह एक संस्कार है , इसे आदर्श बनाओ । सामूहिक विवाह रचाकर सारे खर्चे बचाओ ।। सामूहिक विवाह एक पवित्र संस्कार है।  मानव अपनी इच्छानुसार आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये एक ही दिन एक ही स्थान पर एक मंडप में अनेको जोड़े पूर्ण सादगी, पुरे समाज के आशीर्वाद के साथ होना…

समाज विकास में अप्रत्यक्ष बाधा !

December 24, 2019
समाज विकास में अप्रत्यक्ष बाधा ! बन्धुओं ; जय श्री आईजी समाज विकास के विषय में हम सामान्य समाजी कभी हां तो कभी ना, कुछ भी कह देते हैं, असल में विकास का पहला पायदान समाज - समुदाय का स्वाभिमान है और वो एकता के बिना संभव नहीं है ! समाज के बुद्धिजीवियों को एक…

समाज में शिक्षित स्त्री औऱ पारम्परिक पारिवारिक मूल्यों पर प्रभाव

December 20, 2019
अपना देश विश्व में अपने सांस्कृतिक विरासत के उच्च आदर्श मूल्यों के लिए प्रसिद्ध है।इस देश के आदर्श मूल्य,परम्पराए औऱ सामाजिक प्रतिमान एक अनमोल धरोहर की तरह है।इस देश में मूल्य,परम्पराए औऱ सामाजिक प्रतिमान आनुवांशिक गुणों की तरह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होते आए है। यह सही है कि समय के साथ…

श्री जितेंद्र सीरवी सुपुत्र श्री गोदाराम जी सीरवी (चोयल)

December 18, 2019
'बिना काम के मुकाम कैसा? बिना मेहनत के, दाम कैसा ? जब तक ना हासिल हो मंजिल, तो राह में, रही आराम कैसा ? यह हर उस व्यक्ति के लिए सफलता का बड़ामूलमंत्र है जो पुरुषार्थ को साथ लेकर दॄढ इरादों से मंजिल की धुन में आगे बढ़तेरहते है। ऐसे व्यक्ति ही जीवन में सफलता…

श्री लक्ष्मीनारायण जी मुलेवा के पुत्र आनन्द मुलेवा का चयन राष्ट्रीय बीज निगम के अधिकारी के रूप में हुआ

किसान का बेटा राष्ट्रीय बीज निगम अधिकारी आली (कुक्षी) के किसान श्री लक्ष्मीनारायण जी मुलेवा के पुत्र आनन्द मुलेवा का चयन राष्ट्रीय बीज निगम के अधिकारी के रूप में हुआ है। केंद्र सरकार अधीनस्थ नेशनल सीड कारपोरेशन के लुधियाना (पंजाब) सम्भाग में श्री मुलेवा की पहली पोस्टिंग होगी। आनन्द मुलेवा के हमेशा से कृषि अनुसंधान…

उज्ज्वल चरित्र मानव जीवन की सर्वश्रेष्ठ सम्पदा है

December 17, 2019
उज्ज्वल चरित्र मानव जीवन की सर्वश्रेष्ठ सम्पदा है।       भारत के महान विचारक और युगप्रवर्तक स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा था कि,"न तो धन का मूल्य है,न ही नाम और यश का। अगर कोई दृढ़ चरित्र है तो उसे कोई अमर होने से नहीं रोक सकता।" इस वाक्यांश से चरित्र की महत्ता को…

युवा अपने आपको जीवन के उच्च आदर्श प्रतिमानों औऱ मूल्यों  को आत्मसात कर जीवन जीने का सतत प्रयास करता

December 15, 2019
।।युवा पीढ़ी औऱ आदर्शवाद।। युवा राष्ट्र का सुनहरा भविष्य होता है।युवा के भीतर ऊर्जा का अथाह भंडार होता है औऱ युवा के मन-मस्तिष्क में सोचने औऱ समझने की अपार क्षमताएं होती है।युवा अपनी अन्तर्निहित शक्तियों का सही सदुपयोग करते है तो हर युवा अपने भविष्य को स्वर्णिम औऱ स्वप्निल बनाने में सफल हो जाता है।…

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