उड़ते पल-बदलता समाज

February 28, 2020
आकाश में उड़ते रुई के बादल की तरह बड़ी तेजी से समय भाग रहा है। ना हम बादलों को पकड़ पाते हैं, और ना ही समय को। समय के साथ प्रकृति में बदलाव आता गया है। प्रकृति के बदलाव के साथ मानव भी बदलता गया है। मानव के बदलाव के साथ चीजें बदली। प्राकृतिक जल,…

हम और समाज !

February 24, 2020
हर रोज हमारा समाज नवीन विकृतियों से झूझ रहा है, इसका सीधा सम्बंध हमारे मार्गदर्शन और संस्कार पर प्रश्नवाचक चिन्ह खड़ा कर रहा है, आधुनिक युग की प्रणाली का परिणाम प्रत्येक व्यक्ति की मनीषा से प्रदर्शित हो जाता है, वर्तमान समाज का व्यक्ति अपने मूलभूत मौलिक कर्त्तव्यों को भूल कर पाश्चयात सँस्कृति के पथ पर…

समाज मे नए Revolutions की नींव बन सकता है intercaste marriage:—–

February 19, 2020
मैं अपने अनुभवों और अपने कुछ frndz के साथ हुई चर्चा के आधार पर लिख रहा हूं। मेरे लिए यह परेशान करने वाली बात है कि आज के युग में जहां आधुनिकता life के हर पहलू पर असर डाल चुकी है, वहीं marriage में धर्म और जाति का बंधन अभी भी कट्टरता के साथ बरकरार…

नैतिक पतन की राह पर युवा पीढ़ी.

एक शिक्षक और एक अभिभावक के रूप मे मेरे मन में आज के हालात को देखकर मन-मस्तिष्क में अनगिनत प्रश्न उठते है कि आज की युवा पीढ़ी को क्या हो गया है?वह किस राह पर जा रही है?वह अपने सांस्कृतिक आदर्श मूल्यों से परे क्यों जा रही है?पाश्चात्य मूल्यों की ओर इतना लगाव क्यो है?वासना…

समाज एक पढ़ा लिखा अनपढ़ तबका खुद के तानाशाही विचारो को समाज पर जबरदस्ती थोपना

समाज की कुछ छोटी सी मानसिकता जो अक्सर परेशान करती है। यह कहना भी पूर्णतः गलत होंगे कि समाज इन सब से उबरने के लिए कुछ नही कर रहा क्यो कि समाज का एक पढ़ा लिखा तबका समाज को नई दिशा प्रदान करने की कोशिशों में लगा हुआ है और वो निरंतर सफलताओ की अग्रसर…

आखिर नारी क्यों है असुरक्षित???

February 18, 2020
अपना भारत जहाँ नारियों को देवी का दर्जा दिया जाता था औऱ आज भी इस राष्ट्र में नवरात्रि के पर्व नारी शक्ति को समर्पित कर मनाया जाता है औऱ हर शुभ मांगलिक कार्य पर बालिकाओ को खाना खिलाकर शुभारंभ माना जाता है।उसी राष्ट्र में वे आज असुरक्षित महसूस करती है। कलयुग की काली छाया दिनों-दिन…

उज्ज्वल चरित्र मानव जीवन की सर्वश्रेष्ठ सम्पदा है।

February 16, 2020
भारत के महान विचारक और युगप्रवर्तक स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा था कि,"न तो धन का मूल्य है,न ही नाम और यश का।अगर कोई दृढ़ चरित्र है तो उसे कोई अमर होने से नहीं रोक सकता।" इस वाक्यांश से चरित्र की महत्ता को जाना जा सकता है।चरित्र मनुज का सबसे सबल पक्ष होता है।चरित्र में…

समाज में लोगों को इतना गरीब नहीं होने देना चाहिए कि उनसे लोग नफरत करने लग

February 14, 2020
आज समाज में गरीब, असहाय और पढ़े-लिखे लोग हर जगह बेइज्जत होता है। ज्यादातर समाज के नेता और धन्ने लोग गरीबो और असहाय लोगो तिरस्कृत करता है। जब समाज के लोग गरीबों का साथ नहीं देते तो गरीब गरीबी के कारण चोरी, छिनैती में अपना हाथ आजमाने लगते हैं। पैसे के लिये कई अनैतिक कार्यों…

हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

निर्मल सीरवी सुपुत्र श्री लुम्बाराम जी सीरवी (चोयल) निवासी, ग्राम- चंचोरी, तह. तहसील, जिला पाली राजस्थान ( वर्तमान- सूरत ) चार्टेड अकाउंटेंट (CA) बनने पर *"सीरवी समाज सम्पूर्ण भारत डॉट कॉम"* परिवार की ओर से हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं-

शिक्षा,समझ और सामाजिक समरसता

February 6, 2020
सर्व प्रथम मेरा सीरवी समाज के  सभी कर्णधारों, भामाशाहो,शिक्षाविदों और सामाजिक सेवार्थ कार्य से जुड़े निष्काम कर्मयोगियों को सादर चरण वंदन-अभिनंदन । आप सभी की विराट सोच,त्याग और अर्पण से सीरवी समाज ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।समाज के लोगों के सामाजिक हित की सोच से ही समाज के बड़े-बड़े छात्रावास और…

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